Friday, May 19, 2017

लघुकथा- कौन जात हैं ?

ये जो फोन पर बात कर रहे हैं, आपके दोस्त हैं ?
हाँ, यहीं पीएचडी में ऐडमीशन लिए हैं.
कौन जात हैं ?
ये कैसा सवाल है ?
बहुत नॉर्मल सवाल है भई ! बताइये इसमें अजीब क्या है ?
बात तो सही है लेकिन फिर भी.... ? ऐसे थोड़ी न होता है ?
क्यों नहीं होता है ? आज नहीं तो कल पता ही चलना है कि ये कौन जात हैं. तो कल का इंतज़ार क्यों करें ? इतना टाइम थोड़े है कि हम चार-छह दिन असमंजस में रहें. कोई न कोई जात के तो होंगे ही, जैसे मैं हूँ, जैसे तुम हो. इनका भी कन्फर्म हो जायेगा तो बाकी बहुत सारी चीजें आसानी से फिक्स हो जाएँगी. अब बता भी दो.
मैं नहीं बताऊंगा. खाली होंगे तो उन्हीं से पूछ लीजियेगा. मुझसे न हो पायेगा.
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अच्छा आप खाली हो गए ? आप ही बता दीजिये. आप कौन जात हैं ?
एक्सक्यूज मी ???? ये कैसा सवाल है ?

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