Wednesday, April 5, 2017

रामलला हम आयेंगे (भोजपुरी गीत)



रामलला हम आयेंगे
मंदिर वहीँ बनायेंगे
जे सरवा सिरि राम न बोलीपकड़ पकड़ लतियाएंगे
रामलला हम आयेंगे

पढ़े बदे इस्कूल ना रहैघर चौका औ चूल्ह ना रहै
रोटी औ रोजगार ना रहैकउनो कारोबार ना रहे
अपने खूब मलाई काटेंलम्बा-लम्बा भाषण छाँटैं
गाय-भईंस के नाम पे हरदम जनता को लड्वायेंगे
रामलला हम आयेंगे

अस्पतालगोदाम अनाज केएक्को नाही काम काज के
सरकारी स्कूल औ कॉलेजउफरि परै सब नालेज-वालेज
दालतेल औ नून के कीमतकोचिंगटयूसन फीस के आफत
पइसा वालेन के का दिक्कत प्राइबेट में जायेंगे
रामलला हम आयेंगे

खाली हौवा ? झंडा लेलाहाथ में मोट के डंडा लेला
रोजगार के बात मत करासरऊ देसदरोही हउआ ?
आटा ना हौडाटा हौ नैरोटी डाउनलोड कई लेहा
टच मोबाइलटीबीकिरकेटघर-घर में पहुचाएंगे
रामलला हम आयेंगे

गाँव गली में मंदिर होइहैंचार ठे मोट पुजारी होइहैं
दुई ठे दिन भर रूपया गिनिहैंऔ दुई ठे रेचकारी बिनिहैं
ओही भब्य मंदिर के बहरे पच्चिस-तीस भिखारी होइहैं
तोहर कमाई खाइके बाबा तोहईं के गरियायेंगे
रामलला हम आयेंगे

पैदा चाहे कुछ ना करिहैंनटई तक ले ठूँस के खइहें
जवन बची ऊ घर ले जईहैंबेटवा अमरीका में पढ़इहैं
थोड़का दान औ पुन्न देखाईबाकी पार्टी फंड में जाई
वो ही से हथियार खरीद के दंगा-मार करायेंगे.
रामलला हम आयेंगे

गंगा माईदेंय दोहाईकइसे होई साफ़ सफाई
चार ठे नाला और गिरी तब नेता दीहैं बजट बढ़ाई
पंडन के गजबै लीला हौहमरे नाम पे करैं कमाई
लाखों टन लकड़ी रोज फूँकिहैंमुर्दा वहीँ जलाएंगे
रामलला हम आयेंगे

कोका-कोलापेप्सी माज़ाजवन मिलै बस गटक जा राजा
पोखरी कूँआताल-तलैयासुखति हवे तो सुखे दा भइया
काहें हाहाकार ? बिकत बापानी खाली बीस रुपैया
हवा त अबहीं बकिये बाटेउसको भी बेचवायेंगे
रामलला हम आयेंगे

जनरल डिब्बा में ठुंस-ठुंस केआड़े तिरछे कइसौ घुस के
दिल्ली-बम्मई भाग के जइहैंपूरी जिनगी बेचि के अइहें
ई बिकास के कइसन सीढ़ीभै बरबाद पचीसन पीढ़ी
तोहरे खून पसीना से ऊ आपन महल बनायेंगे
रामलला हम आयेंगे

रोटी-बेटीनात-हीत में जतिये एक कसौटी होलै
दुनिया में इंसानइहाँ पे चमरौटी बभनौटी होलै
पाँड़े बोलैं ठाकुरसाहब ! तोहँऊ हिन्दू हमहू हिन्दू
देखिहा अब थोडके दिन में हम बिस्वगुरु बन जायेंगे
रामलला हम आएंगे

छोटजतिया सब पढ़ि लिख जइहैंधरम करम के आँख देखइहें
बड़जातियन के खेत फैक्टरी फिर कब्भौं ना झांकें जइहैं
अपने काम क छाँट के रक्खाबाकी सबके बाँट के रक्खा
एनके बस मजदूर बनावानहीं त सब बढ़ जायेंगे.
रामलला हम आयेंगे

एही देस में लाख-करोड़ों आधे पेट ले खाना खालैं
एही मुलुक में रोज हजारन टीबी कैंसर से मरि जालैं
मछरी माँस पे फाँसी होईदुनियाँ भर में हाँसी होई
बीड़ीसिगरेटगुटखा दारू बंद नहीं करवाएंगे
रामलला हम आयेंगे

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